चरण 01 — इसका वर्णन करें और संदर्भ इमेज जोड़ें
जो आप चाहते हैं उसका वर्णन करें और अधिकतम 8 संदर्भ इमेज जोड़ें — उन स्टाइल, किरदारों या उत्पादों के लिए जिनमें आपको पूरे परिणाम में एकरूपता बनाए रखनी है।
टेक्स्ट प्रॉम्प्ट और रेफरेंस इमेज से साफ़, उपयोग-योग्य विज़ुअल आउटपुट तैयार करें—वेरिएशन, शैली-नियंत्रण और क्वालिटी चेक के साथ, ताकि टीम का रिव्यू और डिलीवरी जल्दी हो।






लिखे हुए विचार से तैयार इमेज तक — कोई सेटअप नहीं, कोई प्लगइन नहीं, कोई Discord नहीं।
जो आप चाहते हैं उसका वर्णन करें और अधिकतम 8 संदर्भ इमेज जोड़ें — उन स्टाइल, किरदारों या उत्पादों के लिए जिनमें आपको पूरे परिणाम में एकरूपता बनाए रखनी है।
एक आस्पेक्ट रेशियो (9:16, 16:9, 1:1 HD, 1:1) और एक बार में कितने वेरिएशन बनाने हैं (अधिकतम 4) चुनें। एक बैच जनरेट करें और जो पसंद आएं उन्हें रखें।
जनरेट पर क्लिक करें। Seedream V4 कुछ ही सेकंड में आपकी इमेज लौटा देता है। जो पसंद आए उसे डाउनलोड करें, या प्रॉम्प्ट को बेहतर बनाकर फिर से चलाएं।

Seedream V4 में पहले प्रॉम्प्ट के साथ विषय, शैली और आउटपुट अनुपात स्पष्ट किया जाता है, फिर चाहें तो रेफरेंस इमेज जोड़कर दिशा तय की जाती है। रन के बाद वेरिएशन में से चुना हुआ फ्रेम लेकर छोटे-छोटे बदलाव (रंग, बैकग्राउंड, कंपोज़िशन) के साथ दोबारा चलाया जा सकता है। बेहतर नियंत्रण के लिए एक ही रन में बहुत सारे निर्देश भरने के बजाय 2–3 चरणों में परिष्कृत करना अधिक भरोसेमंद रहता है।

ई-कॉमर्स के लिए प्रोडक्ट-शॉट जैसी साफ़ कंपोज़िशन, सोशल क्रिएटिव के लिए थीम-आधारित पोस्ट, और ऐप/वेब के लिए इलस्ट्रेशन—इनमें यह टूल तेज़ वेरिएशन देकर चयन आसान करता है। भारत-केंद्रित अभियानों में त्योहार, रंग-पैलेट और लोकल संदर्भ जोड़कर एक ही कॉन्सेप्ट के कई संस्करण निकाले जा सकते हैं। यदि आउटपुट में टेक्स्ट-रेंडरिंग महत्वपूर्ण हो, तो अंतिम कॉपी को डिज़ाइन टूल में ओवरले करके फाइनल करना अधिक सुरक्षित रहता है।

रिव्यू में पहले हाथ/चेहरा जैसी सूक्ष्म डिटेल, किनारों पर आर्टिफैक्ट, और ब्रांड रंगों की संगति देखी जाती है, फिर चुने हुए आउटपुट को उसी सीड/दिशा में री-रन करके स्थिरता परखा जा सकता है। टीम के लिए एक सरल सत्यापन कदम यह है कि 2–3 वेरिएशन को साथ रखकर कंपोज़िशन और लाइटिंग की निरंतरता मिलाई जाए। यदि रेफरेंस बहुत कड़ा हो तो आउटपुट “कॉपी-सा” लग सकता है—ऐसे में रेफरेंस को ढीला करके या स्टाइल संकेत बढ़ाकर संतुलन बनाया जाता है।

यह वर्कफ़्लो प्रॉम्प्ट इनपुट, रेफ़रेंस नियंत्रण, परिणाम समीक्षा और एक्सपोर्ट तैयारी को एक स्पष्ट प्रक्रिया में रखता है। प्रकाशन से पहले स्रोत अधिकार, ब्रांड फिट, दृश्य स्थिरता और अकाउंट सीमाएँ जाँचें।

एक छोटा प्रॉम्प्ट लिखें, रेफरेंस जोड़ें और 4–8 वेरिएशन निकालकर सबसे साफ़ कंपोज़िशन चुनें। चुने हुए आउटपुट पर रंग/लाइटिंग के छोटे बदलाव करके दोबारा चलाएं ताकि ब्रांड-फिट परिणाम जल्दी मिले। Cleep AI पर यह प्रक्रिया एक ही जगह रहती है, जिससे टीम रिव्यू और डिलीवरी का समय घटता है।
