चरण 01 — इसका वर्णन करें और संदर्भ छवियां जोड़ें
जो आप चाहते हैं उसका वर्णन करें और 8 तक संदर्भ छवियां जोड़ें — उस शैली, पात्रों या उत्पादों के लिए जिन्हें आपको पूरे परिणाम में एक समान रखना है।
Cleep AI पर यह वर्कफ़्लो टेक्स्ट-फोकस्ड इमेज, पोस्टर और ब्रांड विज़ुअल बनाने में मदद करता है—प्रॉम्प्ट, रेफ़रेंस और कलर-पैलेट संकेतों के साथ, ताकि आउटपुट उपयोग-केस के हिसाब से स्थिर रहे।






लिखे हुए विचार से तैयार छवि तक — कोई सेटअप नहीं, कोई प्लगइन नहीं, कोई Discord नहीं।
जो आप चाहते हैं उसका वर्णन करें और 8 तक संदर्भ छवियां जोड़ें — उस शैली, पात्रों या उत्पादों के लिए जिन्हें आपको पूरे परिणाम में एक समान रखना है।
एक आस्पेक्ट रेशियो (9:16, 1:1 HD, 1:1, 4:3) और एक बार में बनाने के लिए कितने वेरिएशन (8 तक) चुनें। एक बैच जनरेट करें और जो पसंद हों उन्हें रखें।
जनरेट पर क्लिक करें। Ideogram कुछ ही सेकंड में आपकी छवियां लौटा देता है। जो पसंद हो उसे डाउनलोड करें, या प्रॉम्प्ट को निखारकर इसे फिर से चलाएं।

सबसे पहले विषय, स्टाइल और टेक्स्ट (जैसे हेडलाइन/टैगलाइन) के साथ एक स्पष्ट प्रॉम्प्ट दें, और चाहें तो रेफ़रेंस इमेज जोड़ें। फिर कलर-पैलेट संकेत (HEX या रंग नाम) देकर आउटपुट को ब्रांड टोन के करीब रखें। परिणाम आने पर टाइपोग्राफी की पठनीयता, स्पेसिंग और रंग-कॉन्ट्रास्ट देखकर एक-एक बदलाव के साथ दोबारा रन करें।

यह प्लेटफ़ॉर्म यूट्यूब थंबनेल, इंस्टाग्राम पोस्ट, इवेंट पोस्टर और ऐप/वेबसाइट बैनर जैसे टेक्स्ट-प्रधान क्रिएटिव में उपयोगी है। लोगो-स्टाइल कॉन्सेप्ट, टाइपोग्राफिक कवर और प्रोडक्ट-ऑफ़र ग्राफ़िक में एक ही संदेश के कई वैरिएंट जल्दी निकाले जा सकते हैं। टीम के लिए अलग-अलग कैम्पेन के अनुसार रंग और लेआउट संकेत देकर आउटपुट को एक लाइन में रखा जा सकता है।

डिलीवरी से पहले इस वर्कफ़्लो में सबसे अहम जाँच टेक्स्ट की पठनीयता है—गलत अक्षर, टूटे शब्द या अनचाहे स्पेलिंग वैरिएशन तुरंत पकड़ें। कलर-पैलेट कंट्रोल देने के बाद भी स्क्रीन/प्रिंट के लिए कॉन्ट्रास्ट और स्किन-टोन/प्रोडक्ट रंगों का मिलान करें। यदि रेफ़रेंस इमेज इस्तेमाल हुई है, तो कंपोज़िशन और स्टाइल-मैच की पुष्टि करके ही फाइनल फ़ाइल एक्सपोर्ट करें।

Cleep AI में आप एक ही प्रोजेक्ट के लिए प्रॉम्प्ट, रेफ़रेंस और कलर-पैलेट संकेतों को व्यवस्थित रखकर दोहराने योग्य आउटपुट बना सकते हैं। डेवलपर API के जरिए यही प्रक्रिया अपने ऐप/वर्कफ़्लो में जोड़कर बैच क्रिएटिव या ऑटोमेशन किया जा सकता है। अगर आपकी टीम diffusers-आधारित पाइपलाइन चलाती है, तो इस प्लेटफ़ॉर्म पर आउटपुट को तुलना/वैलिडेशन के लिए एक मानक चेकपॉइंट की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

एक प्रॉम्प्ट से शुरुआत करें, कलर-पैलेट जोड़ें, और आउटपुट को पोस्ट/बैनर/पोस्टर के अनुसार ट्यून करें। टीम में साझा करने से पहले क्वालिटी रिव्यू से टेक्स्ट और रंगों की पुष्टि कर लें। तैयार होने पर यही सेटअप दोहराकर नए कैम्पेन के लिए लगातार वैरिएंट निकालें।
