चरण 01 — अपनी इमेज का वर्णन करें
अपना प्रॉम्प्ट लिखें। विषय, स्टाइल, कंपोज़िशन, लाइटिंग और इमेज पर जो भी टेक्स्ट चाहते हैं, उसका वर्णन करें। आप जितने अधिक विशिष्ट होंगे, परिणाम उतना ही करीब होगा।
रियल‑टाइम में विज़ुअल्स बनाइए, इमेज/वीडियो आउटपुट को अपस्केल कीजिए और अपनी स्टाइल के लिए कस्टम ट्रेनिंग सेट कीजिए—एक ही जगह, टीम‑रेडी वर्कफ़्लो के साथ।






लिखे हुए आइडिया से तैयार इमेज तक — कोई सेटअप नहीं, कोई प्लगइन नहीं, कोई Discord नहीं।
अपना प्रॉम्प्ट लिखें। विषय, स्टाइल, कंपोज़िशन, लाइटिंग और इमेज पर जो भी टेक्स्ट चाहते हैं, उसका वर्णन करें। आप जितने अधिक विशिष्ट होंगे, परिणाम उतना ही करीब होगा।
एक आस्पेक्ट रेशियो (9:16, 1:1, 4:3, 3:4) और एक बार में कितने वेरिएशन बनाने हैं (अधिकतम 4) चुनें। एक बैच जनरेट करें और जो पसंद आएं उन्हें रखें।
जनरेट पर क्लिक करें। Krea कुछ ही सेकंड में आपकी इमेज लौटा देता है। जो पसंद हो उसे डाउनलोड करें, या प्रॉम्प्ट को बेहतर बनाकर फिर से चलाएं।

Cleep AI पर Krea में पहले इमेज या वीडियो अपलोड करें और लक्ष्य शैली/रिज़ॉल्यूशन चुनें। टूल रियल‑टाइम में बदलाव दिखाता है ताकि आप तुरंत दिशा तय कर सकें। फिर अपस्केलिंग लागू करें या ज़रूरत हो तो अपने डेटासेट से कस्टम ट्रेनिंग शुरू करें।

ई‑कॉमर्स टीम्स प्रोडक्ट शॉट्स को हाई‑रेज़ में अपस्केल करके लिस्टिंग क्वालिटी बढ़ा सकती हैं। मार्केटिंग क्रिएटिव्स रियल‑टाइम इमेज जनरेशन से कई वेरिएंट जल्दी तैयार कर सकते हैं और वीडियो आउटपुट से एड कैंपेन को स्केल कर सकते हैं। स्टूडियो/एजेंसी सेटअप में कस्टम ट्रेनिंग से ब्रांड स्टाइल और कैरेक्टर कंसिस्टेंसी बनी रहती है।

अपस्केलिंग के बाद किनारों की शार्पनेस, टेक्सचर और स्किन‑टोन जैसे संवेदनशील हिस्सों को जल्दी जाँचें। रियल‑टाइम प्रीव्यू से आर्टिफैक्ट्स या ओवर‑स्मूदिंग तुरंत पकड़ में आ जाती है। जरूरत पर सेटिंग्स समायोजित करके वही आउटपुट चुनें जो प्रिंट, वेब या एड प्लेटफ़ॉर्म पर साफ़ दिखे।

यह टूल इमेज और वीडियो जनरेशन को अपस्केलिंग के साथ जोड़कर एक ही पाइपलाइन में तेज़ डिलीवरी देता है। कस्टम एआई ट्रेनिंग से आपकी स्टाइल/प्रोडक्ट लाइन के अनुरूप आउटपुट अधिक स्थिर रहता है। रियल‑टाइम इमेजिंग से फीडबैक लूप छोटा होता है और रिविज़न कम लगते हैं।

Cleep AI पर अपना पहला प्रोजेक्ट सेट करें और रियल‑टाइम में सही लुक तक पहुँचें। अपस्केलिंग से डिटेल बढ़ाइए, और ज़रूरत हो तो कस्टम ट्रेनिंग से ब्रांड‑कंसिस्टेंट परिणाम पाइए। टीम के साथ एक ही वर्कफ़्लो में इमेज और वीडियो डिलीवर करें।
