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Hailuo 2.3 Pro

टेक्स्ट से वीडियो (T2V) और इमेज से वीडियो (I2V) के लिए एक साफ़, तेज़ वर्कफ़्लो—प्रॉम्प्ट लिखें या रेफ़रेंस इमेज दें, फिर आउटपुट को रिव्यू करके उपयोग के लिए तैयार करें।

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यह कैसे काम करता है

Hailuo 2.3 Pro से सिर्फ़ 3 स्टेप में वीडियो बनाएं

एक लिखे हुए आइडिया से लेकर पोस्ट करने के लिए तैयार वीडियो तक — न कोई सेटअप, न प्लगइन, न Discord।

स्टेप 01 — Hailuo 2.3 Pro को बताएं कि आप क्या चाहते हैं

अपना प्रॉम्प्ट लिखें। बताएं कि क्या एक्शन है, सीन कैसा है, उसमें कौन है और वे कैसे मूव करते हैं। आप किसी खास चीज़ को एनिमेट करने के लिए या रेफरेंस के तौर पर एक इमेज भी अपलोड कर सकते हैं।

स्टेप 02 — अपनी वीडियो सेटिंग्स चुनें

अपना रिज़ॉल्यूशन (768p) और क्लिप की लंबाई (6s) चुनें। ज़्यादा रिज़ॉल्यूशन से वीडियो ज़्यादा शार्प दिखता है; छोटी क्लिप तेज़ी से रेंडर होती हैं।

स्टेप 03 — जनरेट करें और डाउनलोड करें

जनरेट पर क्लिक करें और कुछ मिनट इंतज़ार करें। Hailuo 2.3 Pro आपका वीडियो बना देता है। इसे डाउनलोड करें और जैसे चाहें इस्तेमाल करें, या प्रॉम्प्ट में बदलाव करके एक और वर्ज़न बनाएं।

जनरेट करें और डाउनलोड करें
यह क्या कर सकता है

Hailuo 2.3 Pro के साथ कैसे काम करें

T2V और I2V वर्कफ़्लो: इनपुट से क्लिप तक

Text-to-Video (T2V) के लिए एक संक्षिप्त प्रॉम्प्ट लिखें—सीन, विषय, मूवमेंट और लाइटिंग को 1–2 लाइनों में स्पष्ट रखें। Image-to-Video (I2V) के लिए रेफ़रेंस इमेज अपलोड करें और बताएं कि किस तरह का कैमरा मूवमेंट या ऐक्शन चाहिए। आउटपुट आने पर पहले 2–3 सेकंड और आख़िरी फ्रेम ज़रूर देखें ताकि जिटर, हाथ/चेहरा विकृति या बैकग्राउंड फ्लिकर जल्दी पकड़ में आ जाए।

T2V और I2V वर्कफ़्लो: इनपुट से क्लिप तक

कहाँ उपयोग करें

परफ़ॉर्मेंस मार्केटिंग के लिए एक ही ऑफ़र के कई शॉट वेरिएंट T2V से बनाकर अलग-अलग हुक टेस्ट किए जा सकते हैं। image-to-video वर्कफ़्लो में प्रोडक्ट फोटो को हल्के कैमरा पैन/ज़ूम के साथ “लिविंग” शॉट में बदला जा सकता है। कंटेंट टीम रेफ़रेंस इमेज देकर ब्रांड-टोन के करीब शॉर्ट क्लिप्स निकाल सकती है, फिर सबसे साफ़ टेक को चुनकर पोस्टिंग के लिए तैयार कर सकती है।

कहाँ उपयोग करें

क्वालिटी रिव्यू

आउटपुट रिव्यू में फ्रेम-टू-फ्रेम स्थिरता देखें—खासतौर पर टेक्स्ट, लोगो, उंगलियाँ और चेहरे के किनारे। यदि I2V में रेफ़रेंस से स्टाइल तो मेल खा रहा है लेकिन ऑब्जेक्ट “ड्रिफ्ट” कर रहा है, तो छोटा मूवमेंट निर्देश दें और दोबारा रन करें। अंतिम चयन से पहले 100% ज़ूम पर 2–3 की-फ्रेम पॉइंट्स चेक करना एक सरल वेरिफिकेशन स्टेप है।

क्वालिटी रिव्यू

Cleep AI में इसे चुनने का कारण

Cleep AI पर यह मॉडल T2V और I2V दोनों को एक ही जगह पर चलाने देता है, जिससे टीम का वर्कफ़्लो बिखरता नहीं। प्रॉम्प्ट, रेफ़रेंस और आउटपुट को साथ रखकर वेरिएंट्स की तुलना करना आसान रहता है। यदि किसी शॉट में अनचाहा मोशन या आर्टिफैक्ट आए, तो उसी इनपुट पर छोटे बदलाव करके तेज़ इटरेशन किया जा सकता है।

Cleep AI में इसे चुनने का कारण

अपना पहला क्लिप तैयार करें—T2V या image-to-video से

एक प्रॉम्प्ट से शुरू करें या अपनी रेफ़रेंस इमेज अपलोड करके I2V रन करें, फिर प्रीव्यू में क्वालिटी चेक करके सबसे अच्छा टेक चुनें। टीम के लिए शेयर-रेडी आउटपुट पाने के लिए वही वर्कफ़्लो दोहराएँ और अलग-अलग वेरिएंट्स को साथ में रिव्यू करें। Cleep AI पर यह प्रक्रिया तेज़ रहती है, ताकि आइडिया से क्लिप तक का समय कम हो।

अपना पहला क्लिप तैयार करें—T2V या image-to-video से
FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या यह टूल Text-to-Video (T2V) और Image-to-Video (I2V) दोनों करता है?

हाँ, आप टेक्स्ट प्रॉम्प्ट से वीडियो बना सकते हैं और रेफ़रेंस इमेज देकर image-to-video (I2V) भी चला सकते हैं। जरूरत के अनुसार दोनों मोड में अलग-अलग वेरिएंट्स निकालकर तुलना की जा सकती है।

I2V में बेहतर रिज़ल्ट के लिए कौन-सी इमेज अपलोड करनी चाहिए?

साफ़, हाई-कॉन्ट्रास्ट और अच्छी रोशनी वाली JPG/PNG इमेज सबसे भरोसेमंद रहती है। अगर विषय छोटा है या बैकग्राउंड बहुत व्यस्त है, तो ड्रिफ्ट/फ्लिकर बढ़ सकता है—ऐसे में सरल कंपोज़िशन चुनें।

आउटपुट रिव्यू में सबसे पहले क्या जाँचना चाहिए?

चेहरे/हाथ की विकृति, टेक्स्ट/लोगो की स्थिरता और बैकग्राउंड फ्लिकर पहले देखें। 100% ज़ूम पर शुरुआती सेकंड और आख़िरी फ्रेम चेक करने से समस्याएँ जल्दी पकड़ में आती हैं।

क्या मोबाइल पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है?

Cleep AI वेब के जरिए मोबाइल ब्राउज़र पर चल सकता है, लेकिन बड़े प्रीव्यू और अपलोड के लिए डेस्कटॉप अनुभव आम तौर पर अधिक सुविधाजनक रहता है।

कौन-सी सीमाएँ ध्यान में रखनी चाहिए?

बहुत जटिल मोशन, भीड़ वाले सीन या छोटे टेक्स्ट/लोगो में असंगति आ सकती है। ऐसे मामलों में छोटे-छोटे बदलाव के साथ वेरिएंट्स बनाकर सबसे स्थिर क्लिप चुनना बेहतर रहता है।

टीम के लिए सबसे उपयोगी वर्कफ़्लो क्या है?

पहले 2–3 प्रॉम्प्ट/रेफ़रेंस वेरिएंट्स बनाएं, फिर एक ही रिव्यू पास में तुलना करके “बेस्ट टेक” फाइनल करें। इसके बाद उसी शैली को बनाए रखने के लिए चुने हुए इनपुट को टेम्पलेट की तरह दोहराएँ।