चरण 01 — अपने शॉट्स का वर्णन करें
एक स्क्रिप्ट या शॉट सूची लिखें, फिर किरदार और आर्ट डायरेक्शन को तय करने के लिए संदर्भ फ्रेम या एक बेस इमेज जोड़ें।
Cleep AI में एक स्टिल इमेज को शॉट-रेडी वीडियो में बदलें—मोशन, कैमरा और स्टाइल को प्रॉम्प्ट के साथ तय करें, फिर रिज़ल्ट को क्वालिटी चेक के बाद डाउनलोड/इंटीग्रेट करें।






एक शॉट सूची से मल्टी-शॉट ड्राफ्ट तक — कोई सेटअप नहीं, कोई प्लगइन नहीं, कोई Discord नहीं।
एक स्क्रिप्ट या शॉट सूची लिखें, फिर किरदार और आर्ट डायरेक्शन को तय करने के लिए संदर्भ फ्रेम या एक बेस इमेज जोड़ें।
अपनी क्लिप की लंबाई और आस्पेक्ट रेशियो चुनें, Native Audio Sync के लिए एक ऑडियो ट्रैक संलग्न करें, और बोलने वाले शॉट्स के लिए AI lip syncing सक्षम करें।
अनुक्रम जनरेट करें और इसे शॉट-दर-शॉट देखें। जब कोई दृश्य चूक जाए, तो केवल उसी शॉट को फिर से जनरेट करें और बाकी कट को स्थिर रखें।

Kling 3.0 के लिए पहले एक साफ़ टारगेट इमेज चुनें और प्रॉम्प्ट में मोशन (जैसे चलना/पैन) व कैमरा (जैसे ज़ूम/डॉली) निर्देश लिखें। जरूरत हो तो फेस/रेफरेंस इमेज जोड़कर पहचान की स्थिरता बढ़ाएँ। रेंडर के बाद 2–3 वैरिएशन निकालें और वही शॉट चुनें जिसमें फ्रेमिंग और मोशन सबसे प्राकृतिक लगे।

इस मॉडल से प्रोडक्ट फोटो को 5–10 सेकंड के डेमो क्लिप में बदला जा सकता है, जैसे बोतल पर लाइट स्वीप या 360-टर्न। क्रिएटर्स एक ही पोस्टर/थंबनेल से सिनेमैटिक ओपनिंग शॉट बना सकते हैं ताकि रील्स का हुक मजबूत हो। एजेंसियाँ स्टोरीबोर्ड फ्रेम्स को एनिमेट करके क्लाइंट अप्रूवल के लिए तेज़ प्री-विज़ुअल बना सकती हैं।

आउटपुट में हाथ/चेहरे के डिटेल, टेक्स्ट/लोगो की विकृति और किनारों पर फ्लिकर को फ्रेम-बाय-फ्रेम जाँचें। एक ही प्रॉम्प्ट पर अलग-अलग सीड के साथ तुलना करें ताकि चुना गया शॉट दोहराने योग्य रहे। यदि पहचान या ब्रांड एलिमेंट बदल रहे हों, तो रेफरेंस इमेज और स्पष्ट कैमरा निर्देश देकर दोबारा रेंडर करें।

टीम अगर ऑटोमेशन चाहती है, तो Kling v3.0 Pro Image To Video API को WaveSpeedAI API key के साथ जोड़ा जा सकता है। इंटीग्रेशन के लिए एंडपॉइंट [1] पर रिक्वेस्ट भेजकर इमेज, प्रॉम्प्ट और पैरामीटर से बैच रेंडर चलाए जा सकते हैं। एकीकृत मॉडल प्रशिक्षण फ्रेमवर्क वाले वर्कफ़्लो में यह सेटअप डेटा/प्रॉम्प्ट मानकीकरण और रन-ट्रैकिंग को सरल बनाता है।

Cleep AI में एक इमेज अपलोड करें, मोशन/कैमरा निर्देश दें और कुछ मिनटों में प्रिव्यू देखें। पसंद आए शॉट को डाउनलोड करें या उसी सेटिंग्स को सेव करके वैरिएशन बनाएं। जब वॉल्यूम बढ़े, तो API के जरिए वही प्रक्रिया बैच में चलाकर डिलीवरी तेज़ करें।
