चरण 01 — वर्णन करें और फ़्रेम जोड़ें
अपना प्रॉम्प्ट लिखें, फिर संदर्भ फ़्रेम जोड़ें — एक आरंभिक छवि और एक वैकल्पिक अंतिम फ़्रेम ताकि गति को ठीक वैसा ही निर्देशित किया जा सके जैसा आप चाहते हैं।
एक ही जगह पर I2V, T2V और T2I आउटपुट बनाइए—रेफ़रेंस इमेज से मोशन, टेक्स्ट से शॉट, और टेक्स्ट से स्टिल विज़ुअल। सबमिट करने से पहले इनपुट/फ़्रेम की जाँच करके अधिक स्थिर, उपयोग-योग्य रिज़ल्ट पाएँ।





लिखे हुए विचार से पोस्ट करने लायक वीडियो तक — कोई सेटअप नहीं, कोई प्लगइन नहीं, कोई Discord नहीं।
अपना प्रॉम्प्ट लिखें, फिर संदर्भ फ़्रेम जोड़ें — एक आरंभिक छवि और एक वैकल्पिक अंतिम फ़्रेम ताकि गति को ठीक वैसा ही निर्देशित किया जा सके जैसा आप चाहते हैं।
अपना रिज़ॉल्यूशन (720p, 480p) और क्लिप अवधि (2–12s) चुनें। ऊँचा रिज़ॉल्यूशन ज़्यादा शार्प दिखता है; छोटे क्लिप तेज़ी से रेंडर होते हैं।
जेनरेट पर क्लिक करें और कुछ मिनट प्रतीक्षा करें। Seedance Lite आपका वीडियो बनाता है। इसे डाउनलोड करके जैसे चाहें इस्तेमाल करें, या अपना प्रॉम्प्ट बदलकर एक और वर्शन बनाएं।

पहले आउटपुट चुनें—I2V के लिए एक साफ़ रेफ़रेंस इमेज अपलोड करें, या T2V/T2I के लिए संक्षिप्त प्रॉम्प्ट लिखें। ज़रूरत हो तो किरदार की स्थिरता के लिए वैकल्पिक चेहरा/किरदार रेफ़रेंस जोड़ें और रन करें। प्रीव्यू में फ़्रेम-टू-फ़्रेम स्थिरता, हाथ/चेहरे की डिटेल और बैकग्राउंड फ्लिकर देखकर अगला वेरिएशन तय करें।

ई-कॉमर्स में एक प्रोडक्ट फोटो से छोटा मोशन क्लिप बनाकर लिस्टिंग/ऐड के लिए I2V आउटपुट तैयार किया जा सकता है। सोशल टीम्स T2V से “3-शॉट” आइडिया का रफ़ प्रीव्यू निकालकर शूट/एडिट के फैसले तेज़ करती हैं। T2I से थंबनेल, पोस्टर या की-विज़ुअल बनाकर उसी कैंपेन की विज़ुअल भाषा एक जैसी रखी जा सकती है।

आउटपुट देखने के बाद सबसे पहले सब्जेक्ट की पहचान (चेहरा/लोगो/टेक्स्ट) और बैकग्राउंड की स्थिरता जाँचें, खासकर I2V में। अगर हाथ, दाँत, या किनारों पर टूट-फूट दिखे तो प्रॉम्प्ट को अधिक सीमित करें और रेफ़रेंस इमेज को साफ़/हाई-कॉन्ट्रास्ट रखें। अंतिम उपयोग से पहले एक छोटा “री-रन” करके वही सेटिंग्स पर दोहराव (repeatability) देखना उपयोगी रहता है।

यह मॉडल उन टीमों के लिए व्यावहारिक है जिन्हें एक ही प्रोजेक्ट में स्टिल विज़ुअल (T2I), कॉन्सेप्ट वीडियो (T2V) और रेफ़रेंस-आधारित मोशन (I2V) तीनों चाहिए। एक ही जगह पर इनपुट बदलकर वेरिएशन निकालने से ब्रीफ़ से प्रीव्यू तक का समय घटता है। बेहतर नतीजों के लिए प्रॉम्प्ट में कैमरा/एक्शन को सीमित रखें और रेफ़रेंस इमेज में सब्जेक्ट को फ्रेम के केंद्र में रखें।

एक रेफ़रेंस इमेज चुनें या 1–2 लाइन का प्रॉम्प्ट लिखें, फिर आउटपुट मोड सेट करके रन करें। प्रीव्यू में क्वालिटी चेक के बाद उसी सेटअप से वेरिएशन निकालें ताकि सही शॉट जल्दी मिल जाए। Cleep AI पर वर्कफ़्लो सेव करके अगली बार वही स्टाइल दोहराना आसान रहता है।
