चरण 01 — एक इमेज अपलोड करें और मोशन का वर्णन करें
एक स्थिर इमेज जोड़ें, फिर जिस कैमरा मोशन और एक्शन को आप निर्देशित करना चाहते हैं उसके लिए एक छोटा प्रॉम्प्ट लिखें।
Cleep AI पर एक फोटो/फ्रेम अपलोड करके इमेज-टू-वीडियो (I2V) आउटपुट में डेप्थ-ऑफ-फील्ड, फोकस-पुल और कैमरा-फील जैसी मूवमेंट बनाइए—और Dop Image To Video API से इसे स्केल पर चलाइए।






एक अकेली इमेज से एक निर्देशित क्लिप तक — कोई सेटअप नहीं, कोई प्लगइन नहीं, कोई Discord नहीं।
एक स्थिर इमेज जोड़ें, फिर जिस कैमरा मोशन और एक्शन को आप निर्देशित करना चाहते हैं उसके लिए एक छोटा प्रॉम्प्ट लिखें।
अपना आउटपुट रिज़ॉल्यूशन और क्लिप की लंबाई चुनें, और जिस मोशन तीव्रता की आपको ज़रूरत है उसके लिए wavespeed को ट्यून करें।
जेनरेट पर क्लिक करें और कुछ मिनट प्रतीक्षा करें। Higgsfield DoP आपकी निर्देशित क्लिप बनाता है। इसे डाउनलोड करें, या प्रॉम्प्ट को समायोजित कर एक तेज़ वैरिएंट चलाएँ।

यूज़र एक साफ़ टार्गेट इमेज/की-फ्रेम अपलोड करता है और मोशन निर्देश में कैमरा मूवमेंट (जैसे डॉली-इन) व फोकस-पुल की प्राथमिकता लिखता है। टूल AI motion synthesis से फ्रेम इंटरपोलेशन और डेप्थ-आधारित ब्लर बनाकर I2V वीडियो आउटपुट देता है। टीम स्केल पर चलाने के लिए Dop Image To Video API में WaveSpeedAI API key जोड़कर वही सेटिंग्स बैच में चला सकती है।

प्रोडक्ट शॉट्स में बैकग्राउंड को सॉफ्ट रखकर सब्जेक्ट पर फोकस लॉक किया जा सकता है, ताकि थंबनेल और रील दोनों में ध्यान वहीं रहे। पोर्ट्रेट/फैशन में हल्का कैमरा स्वे और फोकस ट्रांज़िशन देकर स्टिल फोटो को “शॉट” जैसा फील मिलता है। रियल-एस्टेट या फूड में स्लो पुश-इन के साथ डेप्थ-ऑफ-फील्ड से प्रीमियम लुक बनाया जा सकता है, बिना मैन्युअल की-फ्रेमिंग के।

रन के बाद यूज़र को फोकस एज-हेलो, बाल/चश्मे के आसपास ब्लर आर्टिफैक्ट, और सब्जेक्ट किनारों पर “पंपिंग” जैसी समस्याएँ चेक करनी चाहिए। अगर फेस रेफरेंस दिया गया है, तो आइडेंटिटी स्थिरता और लिप/आई-लाइन ड्रिफ्ट की तुलना शुरुआती फ्रेम से करें। जरूरत हो तो मोशन को छोटा रखें, या निर्देश में “धीमा फोकस-पुल” जैसी सीमाएँ जोड़कर री-रन करें ताकि शॉट अधिक प्राकृतिक लगे।

Cleep AI एक ही जगह पर इंटरएक्टिव प्रीव्यू और Dop Image To Video API दोनों देता है, ताकि क्रिएटिव टीम पहले शॉट लॉक करे और फिर इंजीनियरिंग उसे स्केल पर चलाए। WaveSpeedAI API key से ऑथेंटिकेशन सेट करके वही प्रॉम्प्ट/सेटिंग्स को टेम्पलेट की तरह दोहराया जा सकता है। यह सेटअप खास तौर पर तब उपयोगी है जब एक ही ब्रांड लुक के लिए कई इमेज से समान कैमरा-फील आउटपुट चाहिए।

एक टार्गेट इमेज चुनें, मोशन और फोकस का इरादा लिखें, और आउटपुट प्रीव्यू में सबसे साफ़ टेक चुनें। जब लुक फाइनल हो जाए, उसी कॉन्फ़िग को Dop Image To Video API के जरिए बैच में चलाकर डिलीवरी तेज़ करें। टीम चाहें तो WaveSpeedAI API key के साथ ऑटोमेशन जोड़कर लगातार एक जैसा I2V आउटपुट निकाल सकती है।
